Breaking News Karnal खास खबर देश राज्य लोकल खबरें हरियाणा

विश्व धुम्रपान निषेध दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों में धूम्रपान से होने वाले खतरों के बारे में जागरूकता लाना : डी सी निशांत कुमार यादव।

पूरी दुनिया में 31 मई को धुम्रपान निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है

अपील: सार्वजनिक स्थानों पर न करें धूम्रपान, अपनी धूम्रपान करते हुए तस्वीर किसी भी सोशल मीडिया पर न करें शेयर

नई पीढ़ी को हम तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाने में हों सक्षम।

करनाल,समाचार एक्सप्रेस

विश्व धुम्रपान निषेध दिवस पर धुम्रपान के दुष्प्रभाव के प्रति जनता विशेषकर युवाओं को सचेत करते हुए डी सी निशांत कुमार यादव ने कहा कि मनुष्य द्वारा धुम्रपान करना अपने लिए मौत को बुलाना है। इसके प्रयोग से मनुष्य कैंसर, हृदय रोग, उच्च रक्तचाप, सांस का फूलना तथा रक्त-प्रवाह में गड़बड़ी जैसी बीमारियों को न्यौता देता है।
डी सी ने कहा कि पूरी दुनिया में 31 मई को धुम्रपान निषेध दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों में धुम्रपान से होने वाले खतरों के प्रति जागरूकता लाना है और अपने आसपास के वातावरण को धूम्रपान मुक्त बनाना है। हरियाणा सरकार द्वारा सार्वजनिक स्थलों व सरकारी कार्यालयों में धूम्रपान निषेध किया गया है। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने आम जनता से आह्वान करते हुए कहा है कि सभी मिलकर दुनिया के परिवेश को धुम्रपान मुक्त बनाकर स्वयं और दूसरों को स्वच्छ एवं दुर्गन्ध रहित हवा में सांस लेने का अवसर प्रदान करने में सहायक बनें।
उन्होंने कहा कि तम्बाकू एक ऐसा जहरीला पदार्थ है जिसमें निकोटिन व बेजोपायरिन निकोटिन तत्व पाये जाते हैं जो न केवल सेवन करने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डालते हैं बल्कि आसपास में बैठे मौजूद लोगों पर भी इस दुष्प्रभाव पड़ता है। इसके लिये समय-समय पर सेमिनार, कैम्प और प्रदर्शनियां लगाई जाती हैं जिनमें डाक्टर, वैज्ञानिक, शिक्षाविद एवं समाज सुधारकों द्वारा धुम्रपान के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों व अन्य दिक्कतों के बारे में जानकारी दी जाती है।
उपायुक्त ने कहा कि व्यक्ति कोटपा कानून की किसी भी धारा का उल्लंघन नही करें। किसी भी नाबालिग को किसी भी प्रकार का तंबाकू उत्पाद नहीं बेचा जाए, दुकानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए हुए हैं। जो भी तंबाकू उत्पाद बेच रहा है, उस पैकिंग के दोनों मुख्य भागों पर कम से कम 85 प्रतिशत हिस्से में नियम अनुसार चेतावनी दर्शाई गई हो। खुली सिगरेट नहीं बेची जाए। सभी होटल मालिकों से आग्रह है कि वे अपने होटल परिसर में धूम्रपान न करने दें और नियमानुसार चेतावनी बोर्ड भी लगाएं। यदि कोई भी होटल मालिक अपने कमरों में या टेबल पर ऐश ट्रे उपलब्ध करवाता है तो यह समझा जाएगा कि वह अप्रत्यक्ष रूप से धूम्रपान को बढ़ावा दे रहा है, जोकि कानून का उल्लंघन है, जिसकी वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान की बाहरी सीमा के 100 गज के दायरे के भीतर तंबाकू उत्पाद बेचने पर प्रतिबंध है और उल्लंघन करने पर जुर्माना है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान नही करें और अपनी धूम्रपान करते हुए तस्वीर किसी भी सोशल मीडिया पर शेयर नहीं करें, ताकि नई पीढ़ी को हम तंबाकू के दुष्प्रभावों से बचाने में सक्षम हो सके।